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नई दिल्ली
20 जून, 2005
राष्ट्रीय परामर्श परिषद्(एन ए सी) की सम्मानीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी ने सार्वजिनक वितरण के लिए हिंदी सॉफ्टवेयर उपकरण और फोन्ट्स की निःशुल्क सीडी जारी की। भारत सरकार के संचार और सूचना मंत्रालय के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्था प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक ) द्वारा यह समारोह विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया गया । सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार और सूचना मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सीडी का प्रमोचन किया गया। भारतीय भाषाओं के प्रयोग, प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण योगदान है ।
इस अवसर पर बोलते हुए श्रीमती सोनिया गाँधी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी आज सिर्फ भारत में ही नहीं सारे विश्व में सर्वव्यापक प्रौद्योगिकी बन कर उभरी है तथा जनमानस को प्रभावित कर रही है। भारत में सूचना क्रांति का पूर्ण लाभ उठाने के लिए यह आवश्यक है कि जनमानस सभी भारतीय भाषाओं में कंप्यूटर चलाना सीखे । उन्होंने यह भी कहा कि निःशुल्क हिंदी सॉफ्टवेयर उपकरण और फ़ॉन्ट्स को जारी करना इस दिशा में उचित कदम होगा तथा विश्वास व्यक्त किया कि यह डिजिटल विभाजन को दूर करने में सहायक होगा ।
इस सीडी के अंतर्गत जो उपकरण हैं उन्हें सी-डैक (www.cdac.in), मॉडयूलर इन्फ़ोटेक, साइबरस्कैप मल्टीमीडिया, प्रिया इंफोटेक, आईआईआईटी, हैदराबाद, कैडग्रैफ डिजिटल, सी के टैक्नोलोजीस, प्रोलोजिक्स तथा सॉफ्टव्यू ने विकसित किया है। इन उपकरणों में हिंदी भाषा के ट्रू टाइप फोन्ट्स एवं की-बोर्ड ड्राईवर, हिंदी भाषा के यूनीकोड आधारित ओपन टाइप फ़ोन्ट्स्, ट्रू टाइप फ़ोन्ट्स के लिए हिंदी भाषा मल्टीफोन्ट की-बोर्ड इंजिन, हिंदी भाषा के यूनीकोड आधारित की-बोर्ड ड्राईवर, हिंदी में भारतीय ओपन ऑफिस, हिंदी में फायरफाक्स ब्राउज़र, हिंदी में जीएआईएम मल्टी प्रोटोकॉल संदेशवाहक, हिंदी में कोलम्बा ई मेल क्लाइंट, हिंदी ओसीआर, अंग्रेजी - हिंदी शब्दकोश, हिंदी वर्तनी जाँचकर्ता, जेनेरिक फ़ोन्ट्स कोड एवं स्टोरेज कोड परिवर्तक, हिंदी और अंग्रेजी के लिए आसान टाइपिंग शिक्षक, एकीकृत शब्द संसाधक, हिंदी भाषा अनुवाद उपकरण (आई आई टी कानपुर द्वारा विकसित) तथा टेक्स्ट-टू-स्पीच सिस्टम हैं।
इस अवसर पर भारतीय भाषा डाटा केंद्र (आइ एल डी सी) की वेबसाइट (www.ildc.gov.in) के हिंदी संस्करण का प्रमोचन किया गया। भारतीय भाषाओं के कंप्यूटिंग उपकरण सर्वसामान्य और विकासकर्त्ता समुदाय डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध हैं। श्रीमती गाँधी ने सूचना प्रौद्योगिकी की भूमिका के बारे में कहा है कि ज्ञान के प्रचार-प्रसार एवं अर्जन में सूचना प्रौद्योगिकी की भूमिका महत्वपूर्ण है। विश्व ज्ञान पाने के लिए निरंतर प्रयत्न किए जाने चाहिए। यह तो सत्य है कि सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा के माध्यम से अगर विकसित प्रौद्योगिकी को उपलब्ध कराया जाए तो इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि निजी क्षेत्र भी अपने कारोबार के माध्यम से इस कार्य में योगदान दें।
भारत सरकार के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय मंत्री थिरू दयानिधि मारन ने समारोह में कहा कि हमारी सरकार की योजनाओं की कार्यसूची का यह कार्य एक साल की अल्प अवधि में ही संपन्न हो गया है, यह सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर साबित होगा। इस विषय पर टिप्पणी देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारिक उत्पाद किसी भी आर्थिक व्यवस्था में अपना प्रमुख स्थान रखते हैं, किंतु वर्तमान में घरेलू आई टी उपयोग, फ़ॉन्ट्स वितरण तथा अन्य दूसरे सॉफ़्टवेयर उपकरण का विकास हमारी सृजन क्षमता को दर्शाता है। जो हमने कभी सोचा भी नहीं था वह सपना आज पूर्ण होने को है। उन्होंने साथ ही प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जन समुदाय के लाभ के लिए प्रयोगशाला का उत्पाद आज जनोपयोगी उत्पाद में परिवर्तित हो गया है। इस लक्ष्य से ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर प्रवेश के साथ टेलीकॉम संबद्धता को गति मिलेगी तथा अन्य अनुप्रयोगों की पहुँच जिसमें ई-गवर्नेन्स, शिक्षा आदि शामिल हैं, वे भी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचाए जा सकेंगे।
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. शकील अहमद ने भारतीय भाषा कंप्यूटिंग के क्षेत्र में प्रतिष्ठित उच्च पदाधिकारियों को सक्रिय समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। हमारे देश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उन्नति के लिए तथा टी डी आई एल योजना में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए समान विचारधारा के पदाधिकारियों एवं संस्थाओं आदि को भी आमंत्रित किया।
समारोह में, भारत में भाषा टेक्नोलोजी के विकास का संक्षिप्त इतिहास एवं सीडी में प्रस्तुत हिंदी सॉफ्टवेयर उपकरण एवं फ़ॉन्ट्स के वारे में एक ओडियो-विज़्वल की प्रस्तुती भी की गई।
आरंभ में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री ब्रिजेश कुमार ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया तथा डी आई टी की भाषा प्रौद्योगिकी विकास की पहल का संक्षिप्त परिचय दिया। इस अवसर पर श्री रामकृष्णन (महानिदेशक, सी-डैक) भी उपस्थित थे।
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